खुद पर विश्वास करें | बच्चों की हिंदी कहानी

खुद पर विश्वास करें | बच्चों की हिंदी कहानी

क समय की बात है, एक छोटे से गांव में एक बहुत ही खुशनुमा बच्चा रहता था। उसका नाम राजू था। राजू बहुत ही सच्चा और आदर्शवादी बच्चा था। वह हर किसी के दिलों में एक अलग पहचान बना रखने की कोशिश करता था।

एक दिन, राजू अपने दोस्त गोपाल के साथ जंगल में खेलने जा रहा था। रास्ते में वे एक गहरे गढ़े के पास पहुंचे, जहां एक बड़ी सीढ़ी उठाई गई थी। बच्चों को सीढ़ी पर चढ़ने में दिक्कत होने के कारण उन्हें डर भी लग रही थी।

गोपाल डरकर कहने लगा, “राजू, हम सीढ़ी पर कैसे चढ़ेंगे? यह बहुत ऊँचा है और हमारी उम्र के बच्चों के लिए यह कठिन हो सकता है।”

राजू मुस्कुराते हुए बोला, “गोपाल, हमारे पास एक एकल शक्ति है और वह है हमारा सामर्थ्य। हमें अपने आप पर विश्वास करना चाहिए। चलो, मैं तुम्हें बताता हूँ कि कैसे हम इस सीढ़ी को पार करेंगे।”

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राजू गहरे गढ़े के पास जा कर एक पत्थर उठाया और उसे धीरे-धीरे एक-एक क़दम पर रखते हुए सीढ़ी पर चढ़ने लगा। धीरे-धीरे चढ़ते हुए वह अंत में सीढ़ी के ऊपर पहुंच गया। उसने अपने दोस्त को बुलाया और कहा, “गोपाल, आप भी मेरे पीछे आइए। आप भी इस सीढ़ी को पार कर सकते हैं।”

गोपाल चोंक गया, लेकिन फिर उसने राजू के वचनों पर विश्वास किया। उसने राजू के तरीके को ध्यान से देखा और उसे अपनाते हुए सीढ़ी पर चढ़ने की कोशिश की। धीरे-धीरे, धैर्य और आत्मविश्वास से, उसने भी सीढ़ी के ऊपर पहुंच गया।

दोनों बच्चे खुशी से झूमते हुए जंगल में आगे बढ़ गए। वे नयी खेल और जंगल की सुंदरता का आनंद लेते रहे।

इस कहानी से हमें यह सिख मिलती है कि हमें खुद पर विश्वास रखना चाहिए और अपार सामर्थ्य में विश्वास करना चाहिए। हमें डर को पार करना चाहिए और कोई भी कठिनाई से नहीं डरना चाहिए। आत्मविश्वास, संयम और सामर्थ्य हमें किसी भी मुश्किल को पार करने में मदद कर सकते हैं।

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